पत्नी को मानने के लिए मुर्गा बना ! Hindi Murga Punishment Stories

हां मेरी पत्नी एक–दो बार मुर्गा बना चुकी है। दरअसल एक बार मैने गलतफहमी में अपनी पत्नी को जोरो से डांट दिया था। अब वो रोने लगी और मुझसे काफी नाराज हो गई थी। और उसने पूरे एक दिन न मेरी तरफ देखा न ही बात की। फिर मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ। और मैं उसे मनाने गया, उस वक्त वो किचन में खाना बना रही थी। मैने उसे पीछे से अपनी बाहों से पकड़ कर सॉरी बोलने लगा, लेकिन उसने गुस्से से छुड़ा लिया। लाख मनाने के बाद भी वो नही मान रही थी। मैने फिर बोला की तुम जो सजा दो मुझे मंजूर है, पर अब मान जाओ। मैने बोला की तुम चाहो तो अभी यहां पे उठक बैठक लगा लेता हूं। लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, मैने फिर बोला की मान जाओ प्लीज। इसपर उन्होंने बोला की ठीक है, जब तक मैं खाना बना रही हूं तब तक के लिए किचन के बाहर मुर्गा बन जाओ। मैंने हंसते हुए बोला की अरे किचन के बाहर क्यों, वहा बच्चे देख लेंगे, मैं किचन के अंदर ही उठक बैठक लगा लेता हूं। इसपर उन्होंने बोला की बच्चों के सामने डांट सकते हो, लेकिन बच्चो के सामने मुर्गा नही बन सकते ? अब तो तुम्हे बाहर ही मुर्गा बनना पड़ेगा। मैंने फिर से एक बार उनसे बोला तो वो बोली बच्चे अभी पढ़ रहे है, और वहां से किचन नहीं दिखता तो तुम चुपचाप किचन के बाहर मुर्गा बन जाओ, और जब तक मैं न बोलूं तो उठना मत। मरता क्या न करता, मुझे मानना पड़ा। और मैं किचन के पास मुर्गा बन गया। थोड़ी थोड़ी देर में वो मुझे हंसते हुए बोलती की चूतड ठीक से ऊपर करो, और मैं ठीक वैसा ही करता था। बीच बीच में हमारी बातें भी हो रही थी। मुझे लगा कि अब वो मान गई है तो मैंने बीच में बोला की अब मैं उठ जाऊं। इसपर उसने कहा कि तुम्हारी मर्जी, पर आज के बाद फिर मुझसे बात मत करना, और हां अगली बार मानने आए तो पूरा एक दिन मुर्गा बनना पड़ेगा। मैं भी क्या ही करता, मुर्गा बना रहा।


खाना बन जाने के बाद वो मेरे पास आई, और मैं खड़ा हो गया। और फिर मैंने एक लंबी सांस ली और बोला की चलो आखिरकार तुम मान गई। उसने बोला की मजा आया ना, और हाथ में छड़ी लेकर मेरे सामने एक कुर्सी पे बैठ गई। मैने हंसते हुए बोला की हां बहुत मजा आया। फिर उसने बोला की वापस से मुर्गा बन जाओ , अभी सजा पूरी नहीं हुई हैं। अभी कुछ बात बाकी है। मैने बोला की अब रहने दो ना प्लीज़।उसने बोला की जल्दी करो, वरना अभी बच्चे आ जायेंगे। मजबूरी में मुझे फिर से मुर्गा बनना पड़ा। फिर उसने मध्यम जोरो से 3—4 छड़ी मेरे पीछे लगाया, और इसके बाद उसने फिर वापस से कभी गुस्सा ना करने की कसम दिलाई, और बोला की गुस्सा आए तो प्यार से बात करनी है। इसके बाद मेरी सजा खत्म हुई। इस तरह मेरी पत्नी ने मुझे मुर्गा बनने की सजा दी थी।

Post a Comment

0 Comments