भाभी का गूलाम देवर - Hindi Femdom Stories
रोहिणी भाभी घर की रानी थीं। उम्र 32 साल, गोरी-चिट्टी, पतली कमर, भरी-भरी गांड और बड़े-बड़े स्तन। जब भी वो साड़ी पहनकर घर के काम करतीं, उनकी कमर की पल्लू और हिलती हुई गांड देखकर कोई भी लड़का पागल हो सकता था। उनके पति अक्सर ऑफिस के काम से बाहर रहते थे। घर में सिर्फ वो और उनका 24 साल का देवर विक्की था।विक्की को भाभी पर पहले दिन से ही लाइन मारनी शुरू कर दी थी। रोज सुबह चाय लाते वक्त उनके पास चिपक जाता, भाभी आज कितनी हॉट लग रही हो… या रात को टीवी देखने के बहाने उनके साथ बैठ जाता और उंगली से उनकी जांघ को छूकर बोलता, भाभी आपके हाथ कितने सॉफ्ट हैं…
भाभी सब सुनतीं, मुस्कुरातीं, लेकिन कभी जवाब नहीं देतीं। बस एक रहस्यमयी मुस्कान दे देतीं।
आज भी वैसा ही दिन था। विक्की किचन में भाभी के पीछे आ खड़ा हुआ। भाभी चावल धो रही थीं। विक्की ने धीरे से उनके कान के पास मुंह किया और बोला,
भाभी… आप बहुत खूबसूरत हो। सच में। मन करता है कि मैं आपका गुलाम बन जाऊं… पूरा। आप जो कहोगी, मैं करूंगा। आपकी हर इच्छा पूरी करूंगा।
भाभी ने धीरे से हाथ रोका। पानी बंद किया। फिर पलटी और उसकी आंखों में सीधा देखा। उनकी आंखें एकदम ठंडी और खतरनाक थीं।
गुलाम? सच में विक्की? सोच लिया तूने? क्योंकि गुलामी हर किसी के बस की बात नहीं होती बेटा। एक बार हां बोल दिया तो पीछे नहीं हट सकता। बाद में रोना मत लगना।
विक्की का लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। उसने जल्दी से बोला, हां भाभी… मैं तैयार हूं। आप जो मर्जी करो।
भाभी ने एक भारी हंसी निकाली। फिर उसके बाल पकड़कर जोर से खींच लिया और उसके कान में धीरे से बोलीं,
अच्छा? तो अभी से शुरू करते हैं कुत्ता। कपड़े उतार। पूरे। अभी। यहीं किचन में।
विक्की का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उसने जल्दी-जल्दी टी-शर्ट, जींस, अंडरवीयर सब उतार दिया। बिल्कुल नंगा खड़ा था भाभी के सामने। उसका लंड खड़ा हुआ था, लेकिन अब थोड़ा डर भी लगने लगा था।
भाभी ने उसे देखा और मुस्कुराते हुए बोलीं, मुर्गा बन जा। 30 मिनट। बिल्कुल सीधा। हाथ-पैर अंदर, कंधे पर हाथ। और अगर एक बार भी पोजीशन बिगड़ी तो शुरू से 30 मिनट और।
विक्की ने तुरंत मुर्गा बना लिया। घुटने मोड़कर बैठ गया, हाथ कंधे पर। भाभी ने अपना फोन टाइमर पर सेट किया और किचन के काउंटर पर बैठ गईं। उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू साइड में किया और अपनी क्रीमी जांघें क्रॉस करके बैठ गईं। विक्की को उनकी गांड और जांघों का नजारा मिल रहा था।
पहले 10 मिनट ठीक थे। फिर दर्द शुरू हुआ। घुटनों और कमर में जलन होने लगी। विक्की के मुंह से हल्की सी सिसकारी निकलने लगी। भाभी ने उसके नंगे गांड पर एक जोर का थप्पड़ मारा।
चुप कुत्ता! गुलाम को रोने का हक नहीं। सिर्फ सहना है।
20 मिनट बाद विक्की का पूरा शरीर कांप रहा था। उसके हाथ-कंधे झुकने लगे। भाभी उठीं, अपनी चप्पल निकाली और उसके नंगे गांड पर एक के बाद एक 50 जोर-जोर की चप्पल मारनी शुरू कर दीं।
थप! थप! थप!
ले… ले… ले कुत्ता! ये तेरी पहली सजा है! बोल… भाभी आपकी गुलामी करने का मन करता है ना?
विक्की रोने लगा, हां भाभी… आह्ह्ह्ह… माफ कर दो… बहुत दर्द हो रहा है…
लेकिन भाभी नहीं रुकीं। 50 चप्पल पूरी करने के बाद उन्होंने उसके कान पकड़े और खड़ा कर दिया।
अब कान पकड़ के उठक-बैठक। 100। और हर बैठक में बोलना – मैं भाभी का कुत्ता गुलाम हूं।
विक्की ने शुरू किया। हर बार नीचे जाते वक्त उसकी लाल हो चुकी गांड पर और दर्द होता। उसके आंसू निकलने लगे थे। 50 बैठक के बाद उसकी टांगें कांप रही थीं। भाभी ने उसके बाल पकड़कर उसका मुंह अपनी गांड की तरफ खींच लिया।
अब असली मजा आएगा कुत्ता।
भाभी ने दराज से 9 इंच का मोटा, काला डिल्डो निकाला। उसमें हार्नेस लगा हुआ था। उन्होंने अपनी साड़ी ऊपर की, पैंटी साइड में की और डिल्डो को अपनी कमर पर टाइट बांध लिया। डिल्डो विक्की के मुंह के सामने लटक रहा था।
भाभी ने उसके मुंह में थूका और बोलीं, चाट ले… गीला कर।
विक्की ने रोते हुए भी चाटना शुरू कर दिया। भाभी ने उसके सिर को पकड़कर जोर से मुंह में धकेला।
चूस कुत्ता… जैसे लंड चूसता है वैसे।
फिर भाभी ने उसे उलटकर डॉगी स्टाइल में पोजीशन किया। उसकी लाल गांड ऊपर थी। भाभी ने डिल्डो पर थोड़ा ऑयल लगाया और बिना वार्निंग के एक ही झटके में पूरा 9 इंच अंदर धकेल दिया।
आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!!! विक्की की चीख निकल गई।
भाभी ने उसके बाल पकड़े और जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए।
ले… ले… ले गुलाम! ये है असली गुलामी! बोल… मजा आ रहा है ना कुत्ता? कहा था ना हर किसी के बस की बात नहीं है!
विक्की रो रहा था, चीख रहा था, लेकिन भाभी नहीं रुक रही थीं। वो तेजी से पेगिंग कर रही थीं। हर धक्के में डिल्डो पूरा अंदर-बाहर हो रहा था। विक्की की गांड फटने लगी थी। उसके आंसू जमीन पर गिर रहे थे।
10 मिनट बाद भाभी ने डिल्डो निकाला। विक्की बिल्कुल टूट चुका था। भाभी ने उसे उल्टा लिटाया, अपनी चप्पल की जगह अब अपना पट्टा (लेदर बेल्ट) निकाला और उसकी गांड पर 20 जोर-जोर के पट्टे मारे।
फट! फट! फट!
रो… चीख… चिल्ला कुत्ता! आज से तू मेरा पर्सनल सेक्स स्लेव है!
जब विक्की बिल्कुल रो चुका था, तब भाभी ने अपनी साड़ी ऊपर की, पैंटी उतारी और अपनी गीली चूत उसके मुंह पर रख दी।
अब चाट… पूरी तरह। 30 मिनट तक। और हर सेकंड में याद रख – तू मेरा कुत्ता है।
विक्की ने रो-रोकर भी भाभी की चूत चाटना शुरू कर दिया। भाभी उसके बाल पकड़कर अपनी चूत को उसके मुंह पर रगड़ रही थीं। उनकी सांसें तेज हो रही थीं। 30 मिनट तक वो लगातार उसकी जीभ पर अपनी चूत रगड़ती रहीं और दो बार झड़ भी गईं।
जब 30 मिनट पूरे हुए, भाभी उठीं। उन्होंने विक्की के मुंह पर थूका और बोलीं,
सुन गandu… मैंने अपनी जिंदगी में बहुत लोगों को गुलाम बनाया है। कॉलेज में तो गिनती ही नहीं – लड़के, सीनियर, और यहां तक कि टीचर्स भी। सब मेरे सामने मुर्गा बनते थे, सब मेरी गांड चाटते थे। तू बस एक नया कुत्ता है। समझा?
विक्की सिर्फ हां में सिर हिला सका। उसके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी।
भाभी ने मुस्कुराते हुए उसके गाल पर थप्पड़ मारा और बोलीं,
अब जा… नहा ले। रात 11 बजे शार्प मेरे बेडरूम में आना। बिल्कुल नंगा। और दरवाजा खटखटाने से पहले 5 मिनट बाहर बैठक करते हुए वेट करना। अगर एक मिनट भी लेट हुआ तो आज रात जो सजा मिलेगी… उसके बारे में सोच भी मत।
और फिर रात के ठीक 11 बजे विक्की बिल्कुल नंगा, कांपते हुए भाभी के बेडरूम के बाहर खड़ा था। उसने 5 मिनट तक बाहर ही बैठक लगाई हुई थी। घुटने दर्द कर रहे थे, गांड अभी भी लाल और जल रही थी। ठीक 11 बजे उसने धीरे से दरवाजा खटखटाया।
आ जा कुत्ता… भाभी की आवाज अंदर से आई।
विक्की ने दरवाजा खोला और अंदर घुसा। जो नजारा देखा, उसका मुंह खुला का खुला रह गया।
उसका बड़ा भाई — राकेश — बिल्कुल नंगा, सिर्फ एक छोटी-सी लेडीज पैंटी पहने हुए, मुर्गा बना हुआ था। उसकी गांड पूरी तरह लाल हो चुकी थी, जैसे अभी-अभी खूब मार पड़ी हो। उसके घुटने कांप रहे थे और भाभी बेड पर आराम से बैठी थीं। उन्होंने काली साड़ी पहनी हुई थी, जिसमें उनकी गोरी कमर और भारी गांड और भी आकर्षक लग रही थी। हाथ में एक मोटा चमड़े का पट्टा पकड़े हुए थीं।
आ जा कुत्ता… आ गया तू भी, भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा। देख लिया अपने बड़े भाई को? ये भी मेरा गुलाम है। सालों से। आज तुझे भी दिखा दिया।
विक्की सकते में था। उसने हकलाते हुए पूछा, भाभी… ये भैया… ऐसा क्यों?
भाभी हंस पड़ीं। क्योंकि इनको भी मेरी गुलामी में मजा आता है। अब जaldi से अपने कपड़े उतार और मुर्गा बन जा। अपने भाई के ठीक बगल में।
विक्की ने तुरंत अपने कपड़े उतारे (वैसे भी वो पहले से नंगा था) और मुर्गा बन गया। अब दोनों भाई बगल-बगल में मुर्गा बने खड़े थे। भाभी ने पट्टा हाथ में उठाया और उनके सामने घूमने लगीं।
दोनों की गांड आज और लाल करनी है।
10 मिनट बाद भाभी ने मारना शुरू किया। पहले विक्की की गांड पर जोर-जोर से पट्टे पड़ने लगे।
फट! फट! फट! फट!
आह्ह्ह… आआह्ह्ह! विक्की चीखने लगा।
भाभी बोलीं, अगर कान छूटा या गांड पर हाथ लगाया तो दो एक्स्ट्रा लगेंगे। समझे?
विक्की ने बड़ी मजबूरी से कान पकड़ लिए। भाभी ने दोनों भाइयों की गांड पर बारी-बारी से 20-20 पट्टे मारे। दोनों की गांड अब जल रही थी, लाल हो चुकी थी। दोनों की आंखों में आंसू थे, लेकिन दोनों चुपचाप सह रहे थे।
फिर भाभी ने अलमारी से दो मोटी-मोटी गाजर निकालीं। दोनों भाइयों की पैंटी खींचकर नीचे की और एक-एक मोटी गाजर उनके गांड में जोर से ठोक दी।
आआआह्ह्ह्ह्ह!!!! दोनों भाई एक साथ चीख पड़े।
भाभी हंसते हुए बोलीं, मुर्गा बने रहो! गाजर अंदर ही रहेगी।
फिर उन्होंने दोनों को मुर्गा बनाकर कमरे के चक्कर लगवाए। 20 चक्कर पूरे करवाए। दोनों की टांगें कांप रही थीं, गांड में गाजर दर्द कर रही थी।
इसके बाद भाभी ने मोमबत्ती जलाई। दोनों को चारों हाथ-पैरों के बल नीचे किया और उनकी लाल गांड पर गर्म मोम की बूंदें गिरानी शुरू कर दीं।
चिखो… चिल्लाओ कुतों!
मोम की गर्म बूंदें पड़ते ही दोनों भाई चीखने-चिल्लाने लगे। दर्द हो रहा था, लेकिन अजीब सा मजा भी आने लगा था। भाभी ने पूछा,
क्यों कुतों… मजा आ रहा है कि नहीं?
दोनों ने एक साथ हां में जवाब दिया, हां मालकिन… मजा आ रहा है…
भाभी मुस्कुराईं। अब उन्होंने 12 इंच का बहुत मोटा काला डिल्डो निकाला। पहले राकेश को बेड पर उल्टा लिटाया और जोर-जोर से उसकी गांड में डिल्डो घुसाने लगीं। राकेश चीख रहा था। फिर विक्की की बारी आई। भाभी ने बारी-बारी से दोनों भाइयों की गांड में एक घंटे तक लगातार डिल्डो मारा। कमरे में सिर्फ उनकी चीखें और भाभी की हंसी गूंज रही थी।
एक घंटे बाद भाभी रुकीं। दोनों भाई पसीने से तर, रोते हुए, गांड फटी हुई हालत में थे।
अब मेरे तलवे चाटो दोनों, भाभी ने कहा।
दोनों भाई घुटनों के बल बैठ गए और भाभी के दोनों तलवों को चाटने लगे। भाभी ने एक-एक थप्पड़ उनके मुंह पर मारा और बोलीं,
अच्छे से चाटो कुतों! जीभ से साफ करो!
फिर भाभी ने अपनी सैंडल निकाली और दोनों से चटवाई। सैंडल पूरी तरह चाटकर साफ करवाई।
अब मेरी चूत और गांड चाटो… 30 मिनट तक लगातार।
दोनों भाई ने भाभी की चूत और गांड बारी-बारी से 30 मिनट तक चाटी। भाभी दो बार झड़ गईं। उनकी सांसें तेज थीं।
जब 30 मिनट पूरे हुए, भाभी ने संतुष्ट होकर कहा बहुत अच्छे कutte हो तुम दोनों। इनाम मिलना चाहिए।
उन्होंने दोनों को घुटनों पर बिठाया और बोलीं, मुंह खोलो।
जैसे ही दोनों ने मुंह खोला, भाभी ने दोनों के मुंह में थूक दिया और कहा,
निगल जाओ… दोनों कुतों! दोनों ने थूक निगल लिया।
फिर भाभी ने कहा, अब अपना हाथ पीछे करो। दोनों ने हाथ पीछे किया। भाभी ने दोनों के मुंह पर 50-50 जोरदार थप्पड़ मारे। चेहरे लाल हो गए थे।
अंत में भाभी बोलीं, अब सो जाओ दोनों। मेरे पास ही, बिल्कुल नंगे। कल सुबह नई सजा का इंतजार करना। दोनों भाई थके-हारे, दर्द भरी गांड और लाल चेहरे के साथ भाभी के बेड के पास नंगे ही सो गए। भाभी ने दोनों की पीठ पर पैर रखकर आराम से लेट गईं।
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