कोठी वाली महिला पूलिस ने दी चोरी करने कि सजा ! Hindi Murga Punishment Stories

मैं जब मुंबई में एक कोठी में काम करता था। वहां की जो मैडम थी वह पुलिस में थी। वहां का सारा काम मैं ही करता था झाड़ू पोछा खाना बनाना सब कुछ में करता था। मैडम भी मेरे से बहुत अच्छी तरह व्यवहार करती थी। उनको एक बॉयफ्रेंड था जो अक्सर उनकी कोठी पर आया जाया करता था। उनका जो बॉयफ्रेंड था वह मुझे चिढ़ता था। और मैडम से कहता था कि इसे भगाओ यहां से। लेकिन मैडम कहती थी मैं ऐसे ही नहीं भगाऊंगी। एक बार तो मेरी वजह से मैडम में और उनके बॉयफ्रेंड में लड़ाई भी हो गई। और कई दिनों तक उन्होंने बात भी नहीं कई और नहीं उनका बॉयफ्रेंड। कई दिनों तक उनकी कोठी पर नहीं आया। ऐसे ही दिन चल रहे थे दिन कट रहे थे और सब अच्छा चल रहा था। अचानक मैडम के यहां कोठी पर चोरी हो गई। तो उनके बॉयफ्रेंड को पता चला तो वह भी आया। बॉयफ्रेंड को तो बस बहाना मिल गया मेरे ऊपर इल्जाम लगाने का। फिर क्या था मैडम ने भी उनके बॉयफ्रेंड ने मुझसे पूछताछ की लेकिन मैंने बोल दिया मैंने कुछ नहीं किया? लेकिन फिर मैडम ने तो छोड़ दिया उनका बॉयफ्रेंड भी चला गया। इस तरीके से एक हफ्ता निकल गया। और फिर एक दिन मैडम अपने ही ड्यूटी टाइम पर कोठी पर आई और मुझे उठा कर थाने में ले गई। और थाने पर ले जाकर मुझे वहां काम से कम 6 घंटे तक बैठा के रखा। 6 घंटे तक तो उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा मैं ऐसे ही भूख प्यास थाने में बैठा रहा। और 6 घंटे बाद कांस्टेबल आया और बोला मैडम बुला रही है तो मैं चला गया। जब मैं मैडम के पास गया तो मैडम ने बोला तुम अभी भी बता दो तुमने जो किया है मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूंगी। लेकिन मैंने बोल दिया मैंने कुछ नहीं किया है। मैडम ने फिर पूछा कि तुमने कुछ किया है तो बता दो मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूंगी लेकिन मेरा जवाब वही था कि मैं कुछ नहीं किया। फिर मैडम ने मुझे कहा कि चलो ठीक है तुम बाहर बैठ जाओ फिर मैं 1 घंटे तक वहीं बैठ रहा। इतने में जो मैडम के सीनियर थे वह आ गए। उन्होंने मेरे बारे में पूछा यह कौन बैठा है तो मैडम ने सब कुछ बता दिया इस तरह से बात है? तो फिर मैडम के सीनियर ने मुझे बुलाया। और उन्होंने भी मेरे से पूछा कुछ किया है तो बता दो हम तुम्हें कुछ नहीं करेंगे। मेरा वही जवाब था कि मैं कुछ नहीं किया मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं। उन्होंने मेरे से कई बार पूछा लेकिन मेरा हर जवाब हर बार यही जवाब था कि मैं निर्दोष हूं। और फिर मैडम के सीनियर गुस्सा हो गए। उन्होंने फिर एक बार तेज आवाज में पूछा तुमने चोरी क्यों कि मैंने कहा मैंने चोरी नहीं की  उन्होंने कई बार मेरे से तेज आवाज में पूछा लेकिन मैं हर बार वही जवाब दिया कि मैं  निर्दोष हूं। फिर उन्होंने भी कहा चलो ठीक है तुम अभी थोड़ा बाहर बैठो हम कुछ बात करते हैं। मैं बाहर आकर बैठ गया। इस तरह से करते-करते रात के 9:00 बज गए। और फिर दोनों मैडम और उनके सीनियर बाहर आए मेरे पास। मुझे जबरदस्ती उठाकर एक अंधेरी कोठरी में ले गए। जहां उन्होंने मेरे से फिर पूछताछ शुरू कर दी। लेकिन मेरा हर बार यही जवाब था कि मैं निर्दोष हूं। लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। फिर उन्होंने कांस्टेबल को बुलाया। और कहा कि इस बांधो। और मुझे एक खंभे के सहारे बांध दिया गया। फिर मुझे टॉर्चर करना शुरू कर दिया। पहले तो मुझे 2 घंटे तक टॉर्चर किया गया। और फिर रात के लगभग 1:00 मेरी पिटाई शुरू कर दी। लगभग 50 से 100 डंडे मारने के बाद मुझे ऐसे ही बंदे हाल में छोड़ दिया गया। और फिर मुझे वह 2 घंटे बाद खोलकर अपने साथ ले गए। इस तरह से करते-करते सारी रात हो गई और सुबह हो गई। सुबह मुझको हल्का-फुल्का खाने के लिए दिया गया। और फिर 2 घंटे बाद मुझे पूछता शुरू हो गई। फिर वही पनिशमेंट टी वही सब चलता रहा। चार से पांच दिन मुझे जेल में रखनी है मुझे टॉर्चर मेरी पिटाई करने के बाद मैडम मुझे अपनी कोठी पर ले आई। बस में मैडम के यहां काम तो करता रहा लेकिन मैडम रोज मुझे पनिशमेंट देती रही।

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