जिम के पहले दिन संगीता की करवाई मुर्गा परेड - Hindi Murga Punishment Stories

जिम के पहले दिन संगीता की करवाई मुर्गा परेड - Hindi Murga Punishment Stories

हेलो दोस्तों मे रिता और में आज आप सभी को मेरी सहेली की Murag Punishment Story बताने जा रही हूँ की केसे ऊसने जिम मे पहले ही दिन संगीता ने की मुर्गा परेड संगीता की उम्र भले ही 37 की हो चुकी थी लेकिन वो उसकी काया कमाल की थी। उसके पति अमीर जरूर थे लेकिन ज्यादातर समय वह बाहर रहते थे। घर में सुख सुबिधाओं की कोई कमी नहीं थी लेकिन संगीता को कुछ खास की चाहत थी।

ये ऐसी चाहत थी जो उसे हर किसी मर्द से नहीं मिल सकती थी। उसे सेक्स में जालिम मर्द की दास्तान पसन्द थी। और संगीता के पति नार्मल सेक्स में भी ज्यादा रूचि नहीं लेते थे।

वह ज्यादातर समय इंटरनेट में गुजारती और बीडीएसएम के वीडियोज देखा करती थी। रियल में कभी उसको कोई कंट्रोल करने वाला नहीं मिला था। यह उसकी छिपी हुई कामनाएं थी जो उसे लगता था कि कभी पूरी न हो सकेंगी। एक दिन मार्केट में उसे उसकी सहेली रीता मिली तो उसको वह देखती ही रह गयी। कहां रीता पहले बैडोल और मोटी थी और कहां अब वो स्लिम ट्रिम नजर आ रही थी। अरे भई क्या कमाल कर दिखाया तुमने। संगीता ने कहा। कुछ नहीं बस वर्कआउट और योगा जाती हूं।

बढ़िया संगीता ने कहा। मैं भी आ सकती हूं क्या जिम में। हां क्यों नहीं लेकिन तुम इतनी मेहनत कर पाओगी। क्यों नहीं। बैसे वहां कम लोग टिक पाते हैं।

वहां ट्रैनर सख्त बहुत हैं। अच्छा क्या सख्ती करते हैं। ये तो तुम वहां जाकर ही जान पाओगी। रीता ने टालते हुए कहा। अरे बता न कुछ। संगीता ने कहा। बस ये समझ लो कि जिम नहीं गये स्कूल चले गये। बस गलती की गुजाइंश नहीं है। संगीता को लगा कि शायद उसकी मंजिल का पता मिल रहा है।

उसने रीता से कहा यार तू मुझे एक बार तो अपने साथ जिम ले चल। रीता ने कहा ठीक है चल इस संडे को इंतजार करना। सनडे में दो दिन थे। आखिरकार सनडे भी आ गया। सुबह ही संगीता तैयार हो चुकी थी। रीता अपने तय समय पर ही आ गयी। वह टैªक सूट पहने थी। उसकी कसी हुई काया कमाल लग रही थी। कमाल लग रही हो यार। संगीता ने कहा। थैंक्स चलो जल्दी करो। टैªक सूट पहनकर संगीता भी रेडी थी।

दोनों रेस लगाते हुए ही जिम की ओर चल दी। हम तीन किमी दौड़कर आउटर एरिया के उस जिम पहुंचे। जैसे ही अंदर घुसे, संगीता की आँखें चौड़ी हो गईं।

एक कोने में 5 औरतें (30-40 साल की) मुर्गा बनी खड़ी थीं – कान पकड़े, घुटनों के बल, पीठ पर 2-2 ईंटें रखी हुईं। उनकी कमर झुकी हुई, चूतड़ ऊपर, और पसीना टपक रहा था। दूसरी तरफ 5-6 लड़कियाँ (16-18 साल की) जमीन पर पुशअप्स लगा रही थीं, कोई हिले तो ट्रेनर पट्टा मार देती।

ट्रेनर दो थीं – पूजा और मोनिका, दोनों 21-22 साल की, फिट, सख्त मिजाज। उनके हाथ में 1 फुट लंबा चमड़े का पट्टा (बेल्ट जैसा, हैंडल वाला) था। रीता ने गुड मॉर्निंग मिस कहा। संगीता चुप खड़ी रही।

मोनिका ने पूछा, ये कौन?

मैंने कहा, मेरी फ्रेंड संगीता, जॉइन करना चाहती है।

पूजा ने कहा, यहाँ मेहनत बहुत है। पनिशमेंट से डर नहीं लगता तो जॉइन कर लो।

संगीता बोली, मुझे 10 किलो कम करना है।

मोनिका ने कहा, ठीक है। पूजा, इसका टेस्ट ले लो।

रीता (मैं) ने कहा, अब तू अकेले संभाल, मैं अपना वर्कआउट करती हूँ। और मैं चली गई।

पूजा ने संगीता के कान पकड़कर जोर से उमेठ दिया। संगीता आह! करके झटका खा गई। मोनिका ने पीछे से पट्टा फटाक से उसके चूतड़ों पर मारा – एकदम जोरदार! संगीता की आँखें भर आईं, लेकिन वो चुप रही। पूजा ने कान उमेठकर उसका सिर नीचे किया और उसे ऐसे ही ऑफिस में ले गई।

ऑफिस में:

पूजा बोली, पहला टेस्ट – बैलेंस। मुर्गा बन जा कोने में!

संगीता चुपचाप मुर्गा बन गई – कान पकड़े, कोहनियाँ घुटनों के बीच। पूजा ने उसके सैंडल को चूतड़ों की दरार में डालकर ऊपर उठाया – चूतड़ हवा में रहेंगे! सैंडल की चुभन से संगीता को अजीब मजा आने लगा।

अलार्म सेट करके पूजा बोली, जब तक नहीं बजेगा, मुर्गा बनी रहना। वो उसके मोटे चूतड़ों पर हाथ फेरती रही, पट्टे से थपथपाती रही। 2 मिनट में संगीता की टाँगें काँपने लगीं। 5 मिनट बाद अलार्म बजा। पास!

फिर वजन मापने के लिए: सब कपड़े उतार!

संगीता ने शर्मा-शर्मा कर टैंक टॉप, लेगिंग्स, ब्रा, पैंटी सब उतार दिए। नंगी खड़ी हो गई। पूजा ने उसके थुलथुले बदन पर हाथ फेरा – बहुत मोटी है। छातियाँ लटकी हुईं। फिर दोनों हाथों से छातियाँ पकड़कर जोर-जोर से मसलीं, खींचीं जैसे दूध निकाल रही हो। 15 मिनट तक ऐसा ही चला। संगीता की साँसें तेज, लेकिन वो एंजॉय कर रही थी।

अब आखिरी टेस्ट:

मुर्गा बन! 5 पट्टे बिना चीखे, बिना उठे खाने हैं।

संगीता मुर्गा बनी। पूजा ने पट्टा थपथपाया... फिर फटाक! फटाक! दो जोरदार पट्टे चूतड़ों पर! संगीता ने दाँत भींचे, चूतड़ ऊपर उठाए। 5 मिनट बाद फिर फटाक! फटाक! दो और। दर्द से आँखें लाल। फिर 10 मिनट बाद आखिरी पट्टा – इतना जोरदार कि संगीता चिल्लाई आआह्ह! और उछलकर खड़ी हो गई, दोनों हाथों से चूतड़ दबाए।

पूजा बोली, फेल! एक मौका और।

इस बार संगीता ने मन बना लिया। मुर्गा बनी। पूजा ने पूरी ताकत से 5 पट्टे मारे – फटाक! फटाक! फटाक! फटाक! फटाक! हर पट्टे पर संगीता की बॉडी काँपी, चूतड़ लाल-नीले हो गए, लेकिन वो नहीं उठी। चूतड़ हवा में ऊपर रखे, दर्द सहती रही।

पूजा ने सहलाते हुए कहा, पास! एडमिशन पक्का। फीस जमा कर।

फीस जमा करके बाहर आई तो संगीता के चूतड़ों में जलन थी, लेकिन चेहरा मुस्कुरा रहा था। बाहर देखा तो मैं (रीता) खुद मुर्गा बनी खड़ी थी – पंजों के बल, पीठ पर ईंटें, पसीना टपक रहा। मोनिका बीच-बीच में सबको पट्टे मार रही थी। 30 मिनट बाद रिहा हुई। दोस्तों, संगीता अब रोज जिम जाती है। कभी मुर्गा परेड, कभी ईंटें पीठ पर, कभी पट्टों की बरसात... और वो सब एंजॉय करती है।

और आप सबको कैसी लगी स्टोरी कोमेंट मे जरुर बताएं...


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