चाची ने मुझे मुर्गा बनाया - Hindi Murga Punishment Stories
मेरा नाम राहुल है। मेरी उम्र 19 साल है। में गर्मियों की छुट्टियों में मैं दिल्ली से गाँव आया हुआ था। घर में मम्मी-पापा तो शहर में ही थे, लेकिन चाचा-चाची के साथ रह रहा था। चाची का नाम राधा है – और ऊनकी उम्र करीब 38 शाल है और फिगर अभी भी कमाल का है, और ऊपर से गोरी चिट्टी, मोटी कमर, भारी-भरकम गांड भी है और गाँव में सब उन्हें "राधा चाची" कहते थे, लेकिन मेरे लिए वो सख्त डिसिप्लिन वाली चाची थीं।
एक दिन भुला यूं कि मैंने चोरी-छिपे चाची के कमरे से उनकी ब्रा और पैंटी उठाकर मज़े लेने की कोशिश की। सोचा कोई देख नहीं रहा। लेकिन चाची अचानक कमरे में आ गईं। मैं हाथ में ब्रा पकड़े फँस गया और चाची की आँखें लाल हो गईं।
तू ये क्या कर रहा है तू हरामज़ादे? मेरी चीज़ों से छेड़छाड़ मैं घबराकर हाथ जोड़ने लगा – "चाची, बस मज़ाक था... माफ कर दो...
फिर चाची बड़की - माफ़ी? अब तुझे सही से सबक सिखाती हूँ!
फिर चाची ने मेरी कान पकड़कर मुझे बाहर वाले आँगन में खींच लिया। शाम का समय था, आस-पास कोई नहीं था। चाचा खेत गए हुए थे।
चाची गरजीं - चल अब कपड़े उतार जल्दी
में कहनें लगा कि चाची प्लीज़...
फिर चाची और गरजीं अब बोल रहा है प्लीज़? जल्दी उतार वरना और बुरा होगा गांड़ू
मैंने डरते-डरते शर्ट, बनियान, पैंट सब उतार दिए। सिर्फ अंडरवियर में खड़ा था। फिर चाची ने कहा अपनी खेल चहाते हो तो जल्दी मुर्गा बन जाऔ फिर मे मुर्गा बन गया और मूजे बहुत सरम आ रही थी फिर करीब 30 मिनट तक मुर्गा बनने के कारन मेरी टांगे कापने लगी और फिर मे चाची से बोला की पलिज चाची छोड़ दो,
फिर चाची बोली ठीक है गांड़ू आती हूं मे अभी फिर चाची ने एक मोटा बेलन उठाया जो रसोई में रखा रहता था – करीब डेढ़ फुट लंबा, मोटा। और फिर चाची कुर्सी पर बैठ गईं।
अब चाची बोली - मेरे राजा बेटा आजा अब लेट जा मेरी गोद में और फिर मे डरते डरते उनकी गोद में पेट के बल लेट गया। और मेरी गांड ठीक उनकी जाँघों पर थी। चाची ने पहले मेरी अंडरवियर खींचकर नीचे कर दी। पूरी नंगी गोरी चिट्टी गांड हवा में थी। फिर चाची कहती है आज तुझे याद रहेगा कि चाची की चीज़ों से छेड़छाड़ करने की सजा क्या होती है!
पहला बेलन जब गांड़ पर पडा - चटाक!
में चिखा - आआआह्ह्ह चाची प्लीज रुक जाओ दर्द हो रह है फिर चाचाजी कहती है वहा बेटा पहले में ही नानी याद आ गई तम्हें अभी तो कुछ हुआ भी नहीं और फिर मेरी गांड पर बेलन जोर जोर से पड़े बहुत तेज जलन होने लगी।
"आआआह्ह्ह!" आआआईईई औऔऔऔऔ माआआआ आआआह्ह्ह!" आआआईईई औऔऔऔऔ माआआआ और मेरी आंख में आशू बह रहे थे और मैं बहुत बूरी तरीके से चीखा रहा था। और चाची ने कोई रहम नही दिखाया
चाची गुस्से में बोली - "चुप! चाप गिनती गिन! कुत्ते"
और मे रोता रोता गिनती गिन रहा था टोटल 50 बेलन पडने के बाद मेरी गांड टमाटर कि तरह लाल हो गई, फिर बैंगनी। और हर बेलन पर मैं जोर जोर से रोने भी रहा था और कह रहा था कि चाची बस... बहुत दर्द हो रहा है... प्लीज़..."
चाची गुस्से में बोली - अभी तो शुरू हुआ है! 50 मारूँगी आज!"
30 तक तो मैं सुबक-सुबक कर रो रहा था। गांड पर आग लग रही थी। चाची ने बीच-बीच में मेरी गांड को सहलाया भी, लेकिन फिर से जोरदार बेलन कि बारीश कि और इस बार रुकी नहीं। और मैं फिर बहुत भूरी तरह बिलबिलाने लगा,
पुरे 40 बेलन पडने के बाद चाची बोली - देख, कितनी लाल हो गई तेरी गांड। अब समझा कि चाची से शरारत करने की सजा और फिर से बेलन दना दन पडे आखिरी 10 मारे – वो भी इतने ज़ोर से कि हर थप्पड़ पर मेरी पूरी बॉडी हिल जाती। आखिरी वाला इतना ज़ोरदार था कि मैं ज़ोर से रो पड़ा।
फिर चाची बोली - अब उठ! और ऊस कोने में खड़ा हो जा, हाथ सिर पर, नंगी गांड दिखाकर। 30 मिनट तक!"
और फिर मैं रोते हुए कोने में खड़ा हो गया। गांड जल रही थी, सूज गई थी। चाची पीछे से देख रही थीं और मुस्कुरा रही थीं।
फिर चाची बोली - अब से मेरी कोई चीज़ छुएगा तो याद रखना – सजा दुगुनी होगी। समझ गया?"
फिर मैं "जी चाची... कभी नहीं करूँगा..."
फिर चाची ने मेरे गाल पर प्यार से थपकी दी। अच्छा लड़का। अब जाकर ठंडा पानी लगवा ले। लेकिन याद रखना – चाची की सजा भूल मत जाना।"
और उस दिन के बाद मैं चाची से बहुत डरने लगा। लेकिन अजीब बात ये कि... वो सजा याद करके कभी-कभी मन में एक अजीब सी सिहरन भी होती है।
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